Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.24.d9: भीमसेन को यह बात समझ में आ गई और उन्होंने मगधराज के दो टुकड़े कर दिए और दोनों टुकड़ों को पैरों से विपरीत दिशाओं में फेंक दिया। इसके बाद वे जोर से दहाड़ने लगे। | mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन को यह बात समझ में आ गई और उन्होंने मगधराज के दो टुकड़े कर दिए और दोनों टुकड़ों को पैरों से विपरीत दिशाओं में फेंक दिया। इसके बाद वे जोर से दहाड़ने लगे।
Bhimsena understood this and again tore the king of Magadh into two pieces and threw both the pieces in opposite directions with his feet. After this he started roaring loudly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥