Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.24.51: पाण्डवपुत्र युधिष्ठिर अपने भाइयों के साथ गए और आयु के अनुसार एक-एक करके सभी राजाओं से मिले; फिर उनका यथोचित आदर और पूजन करके उन्हें विदा किया ॥51॥   |   mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  2.24.51 
यथावय: समागम्य भ्रातृभि: सह पाण्डव:।
सत्कृत्य पूजयित्वा च विससर्ज नराधिपान्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
पाण्डवपुत्र युधिष्ठिर अपने भाइयों के साथ गए और आयु के अनुसार एक-एक करके सभी राजाओं से मिले; फिर उनका यथोचित आदर और पूजन करके उन्हें विदा किया ॥51॥
 
Pandava's son Yudhishthira went with his brothers and met all the kings one by one according to their age; then after paying their respects and worshipping them appropriately, he sent them away. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)