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mahabharat 2.24.47: हे राजनश्रेष्ठ! यह सौभाग्य की बात है कि महाबली भीमसेन ने जरासंध को मारकर उसकी कैद से सभी राजाओं को मुक्त करा लिया।   |   mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  2.24.47 
दिष्टॺा भीमेन बलवाञ्जरासंधो निपातित:।
राजानो मोक्षिताश्चैव बन्धनान्नृपसत्तम॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! यह सौभाग्य की बात है कि महाबली भीमसेन ने जरासंध को मारकर उसकी कैद से सभी राजाओं को मुक्त करा लिया।
 
'O best of kings! It is fortunate that the mighty Bhimasena killed Jarasandha and released all the kings from his captivity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)