Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.24.41: उसके आगे बहुमूल्य रत्नों का विशाल भण्डार था। सहदेव ने नम्रतापूर्वक मनुष्यों के स्वामी भगवान वासुदेव के चरणों में गिरकर उनकी शरण ली। 41। | mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स नीचै: प्रणतो भूत्वा बहुरत्नपुरोगम:।
सहदेवो नृणां देवं वासुदेवमुपस्थित:॥ ४१॥
अनुवाद
उसके आगे बहुमूल्य रत्नों का विशाल भण्डार था। सहदेव ने नम्रतापूर्वक मनुष्यों के स्वामी भगवान वासुदेव के चरणों में गिरकर उनकी शरण ली। 41।
Ahead of him was a huge storehouse of precious stones. Sahadeva humbly fell at the feet of the lord of men, Lord Vasudev, and sought refuge in him. 41.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥