Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.24.34: 'विष्णु! हम लोग एक अत्यन्त भयंकर पर्वतीय दुर्ग में बन्द होकर महान् दुःख में दिन बिता रहे थे। हे यदुवनंदन! आपने हमें इस संकट से मुक्त कर दिया है और अत्यन्त उज्ज्वल यश प्राप्त किया है; यह बड़े सौभाग्य की बात है॥ 34॥ | mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'विष्णु! हम लोग एक अत्यन्त भयंकर पर्वतीय दुर्ग में बन्द होकर महान् दुःख में दिन बिता रहे थे। हे यदुवनंदन! आपने हमें इस संकट से मुक्त कर दिया है और अत्यन्त उज्ज्वल यश प्राप्त किया है; यह बड़े सौभाग्य की बात है॥ 34॥
'Vishnu! We were passing our days in great misery, imprisoned in a very dreadful mountain fort. O son of Yaduvanandan! You have freed us from this crisis and have achieved very bright fame; this is a matter of great fortune.॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥