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श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.24.29 
स निर्याय महाबाहु: पुण्डरीकेक्षणस्तत:।
गिरिव्रजाद् बहिस्तस्थौ समदेशे महायशा:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
पराक्रमी, यशस्वी, कमल-नेत्र वाले, शक्तिशाली श्रीकृष्ण गिरिव्रज से बाहर आए और समतल भूमि पर खड़े हो गए।
 
The mighty, famous, lotus-eyed, powerful Sri Krishna came out of Girivraja and stood on level ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)