Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.24.21: वह रथ वायु के समान वेगवान था और उसमें दिव्य घोड़े जुते हुए थे। भरत! श्रीकृष्ण के बैठने पर वह दिव्य रथ अत्यंत शोभायमान हो रहा था। | mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह रथ वायु के समान वेगवान था और उसमें दिव्य घोड़े जुते हुए थे। भरत! श्रीकृष्ण के बैठने पर वह दिव्य रथ अत्यंत शोभायमान हो रहा था।
That chariot was as fast as the wind, and divine horses were harnessed in it. Bhaarat! That divine chariot was looking very beautiful when Shri Krishna sat in it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥