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mahabharat 2.24.20: तत्पश्चात् मगध के निवासी महाबाहु श्रीकृष्ण को अपने दो चचेरे भाइयों के साथ रथ पर बैठे देखकर आश्चर्यचकित हो गये।   |   mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.24.20 
तत: कृष्णं महाबाहुं भ्रातृभ्यां सहितं तदा।
रथस्थं मागधा दृष्ट्वा समपद्यन्त विस्मिता:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् मगध के निवासी महाबाहु श्रीकृष्ण को अपने दो चचेरे भाइयों के साथ रथ पर बैठे देखकर आश्चर्यचकित हो गये।
 
Thereafter, the residents of Magadha were astonished to see the mighty-armed Sri Krishna sitting on a chariot along with his two cousins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)