Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.24.16-17h: भीम और अर्जुन - ये दोनों योद्धा उस रथ पर बैठे थे, श्रीकृष्ण सारथी का कार्य संभाल रहे थे, उन्हें परास्त करना श्रेष्ठ धनुर्धर योद्धाओं के लिए भी कठिन था। ये दोनों सारथी उस उत्तम रथ की ऐसी शोभा बढ़ा रहे थे मानो इन्द्र और विष्णु एक साथ बैठकर तारकीय संग्राम में विहार कर रहे हों॥16 1/2॥ | mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीम और अर्जुन - ये दोनों योद्धा उस रथ पर बैठे थे, श्रीकृष्ण सारथी का कार्य संभाल रहे थे, उन्हें परास्त करना श्रेष्ठ धनुर्धर योद्धाओं के लिए भी कठिन था। ये दोनों सारथी उस उत्तम रथ की ऐसी शोभा बढ़ा रहे थे मानो इन्द्र और विष्णु एक साथ बैठकर तारकीय संग्राम में विहार कर रहे हों॥16 1/2॥
Bhima and Arjuna - these two warriors were sitting on that chariot, Shri Krishna was handling the charioteer's work, it was difficult even for the best archer warriors to defeat him. These two charioteers were adorning that excellent chariot as if Indra and Vishnu were sitting together and roaming in the starry battle.॥ 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥