Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.24.10: भीमसेन की गर्जना सुनकर मगध के लोग भयभीत हो गये और सोचने लगे कि क्या हिमालय फट गया है या पृथ्वी फट गयी है। | mahabharat अध्याय 2.24: भीमके द्वारा जरासंधका वध, बंदी राजाओंकी मुक्ति, श्रीकृष्ण आदिका भेंट लेकर इन्द्रप्रस्थमें आना और वहाँसे श्रीकृष्णका द्वारका जाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन की गर्जना सुनकर मगध के लोग भयभीत हो गये और सोचने लगे कि क्या हिमालय फट गया है या पृथ्वी फट गयी है।
On hearing the roar of Bhimasena the people of Magadha became fearful and began to wonder whether the Himalayas had burst or whether the earth was being torn apart.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥