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श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.23.8 
एवमुक्त्वा जरासंधो भीमसेनमरिंदम:।
प्रत्युद्ययौ महातेजा: शक्रं बल इवासुर:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर शत्रुओं का नाश करने वाला महाबली जरासन्ध भीमसेन की ओर इस प्रकार बढ़ा, मानो बल नामक राक्षस इन्द्र से युद्ध करने के लिए आगे बढ़ रहा हो।
 
Saying this, the mighty Jarasandha, the destroyer of enemies, advanced towards Bhimasena, as if the demon named Bala was advancing to fight Indra. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)