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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट
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श्लोक 34
श्लोक
2.23.34
एवमुक्त: स कृष्णेन पाण्डव: परवीरहा।
जरासंधस्य तद् रूपं ज्ञात्वा चक्रे मतिं वधे॥ ३४॥
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण की यह बात सुनकर शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले पाण्डुकुमार भीमसेन ने जरासन्ध को थका हुआ जानकर उसे मार डालने का विचार किया॥34॥
On hearing this from Lord Krishna, Pandukumar Bhimsen, the destroyer of enemy warriors, considered Jarasandha tired and thought of killing him. 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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