श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  2.23.31 
तं राजानं तथा क्लान्तं दृष्ट्वा राजञ्जनार्दन:।
उवाच भीमकर्माणं भीमं सम्बोधयन्निव॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
राजा! उसे इस प्रकार थका हुआ देखकर भगवान श्रीकृष्ण ऐसे बोले, मानो घोर कर्म करने वाले भीमसेन को चेतावनी दे रहे हों -॥31॥
 
King! Seeing him thus tired, Lord Krishna spoke as if admonishing Bhimasena who was committing a terrible deed -॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)