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mahabharat 2.23.24: वे दोनों वीर, जो बलवानों में श्रेष्ठ थे, हर्ष और उत्साह से भरे हुए थे; तथा एक-दूसरे की दुर्बलता या असावधानी पर दृष्टि रखते हुए, बलपूर्वक एक-दूसरे पर विजय प्राप्त करने की इच्छा रखते थे।   |   mahabharat अध्याय 2.23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.23.24 
उभौ परमसंहृष्टौ बलेन बलिनां वरौ।
अन्योन्यस्यान्तरं प्रेप्सू परस्परजयैषिणौ॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों वीर, जो बलवानों में श्रेष्ठ थे, हर्ष और उत्साह से भरे हुए थे; तथा एक-दूसरे की दुर्बलता या असावधानी पर दृष्टि रखते हुए, बलपूर्वक एक-दूसरे पर विजय प्राप्त करने की इच्छा रखते थे।
 
Those two heroes, the best among the strong, were filled with joy and enthusiasm; and keeping an eye on each other's weakness or carelessness, they desired to achieve victory over each other by force.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)