Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.23.19: फिर वे सब सीमाएँ लाँघकर 'पृष्ठभंग' नामक युक्ति करने लगे (अर्थात् एक-दूसरे की पीठ भूमि पर रखने का प्रयत्न करने लगे) और वे दोनों भुजाओं से किसी को मूर्छित करने के लिए (पेट आदि पर प्रहार करके मूर्छित करने का प्रयत्न) तथा पूर्वोक्त पूर्णकुम्भ (घड़ा) का प्रयोग करने लगे॥19॥ | mahabharat अध्याय 2.23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वातिक्रान्तमर्यादं पृष्ठभङ्गं च चक्रतु:।
सम्पूर्णमूर्च्छां बाहुभ्यां पूर्णकुम्भं प्रचक्रतु:॥ १९॥
अनुवाद
फिर वे सब सीमाएँ लाँघकर 'पृष्ठभंग' नामक युक्ति करने लगे (अर्थात् एक-दूसरे की पीठ भूमि पर रखने का प्रयत्न करने लगे) और वे दोनों भुजाओं से किसी को मूर्छित करने के लिए (पेट आदि पर प्रहार करके मूर्छित करने का प्रयत्न) तथा पूर्वोक्त पूर्णकुम्भ (घड़ा) का प्रयोग करने लगे॥19॥
Then they went beyond all limits and started using the trick called 'Prishtbhanga' (i.e. they tried to put each other's back on the ground). They started using both the arms to make someone unconscious (attempt to make unconscious by hitting the stomach etc.) and the aforementioned Purna Kumbha (pot).॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥