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mahabharat 2.23.11: पहले उन्होंने हाथ मिलाया। फिर एक-दूसरे के पैर छुए। उसके बाद, अपनी भुजाओं के आधार हिलाकर और वहाँ बंधी अपनी बाँहों की पट्टियों की डोरियाँ हिलाकर, दोनों वीर पुरुष वहीं तालियाँ बजाने लगे। 11.   |   mahabharat अध्याय 2.23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.23.11 
करग्रहणपूर्वं तु कृत्वा पादाभिवन्दनम्।
कक्षै: कक्षां विधुन्वानावास्फोटं तत्र चक्रतु:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
पहले उन्होंने हाथ मिलाया। फिर एक-दूसरे के पैर छुए। उसके बाद, अपनी भुजाओं के आधार हिलाकर और वहाँ बंधी अपनी बाँहों की पट्टियों की डोरियाँ हिलाकर, दोनों वीर पुरुष वहीं तालियाँ बजाने लगे। 11.
 
First they shook hands. Then they touched each other's feet. After that, by moving the base of their arms and shaking the strings of their arm bands tied there, both the brave men started clapping there. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)