श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 23: जरासंधका भीमसेनके साथ युद्ध करनेका निश्चय, भीम और जरासंधका भयानक युद्ध तथा जरासंधकी थकावट  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.23.1 
वैशम्पायन उवाच
ततस्तं निश्चितात्मानं युद्धाय यदुनन्दन:।
उवाच वाग्मी राजानं जरासंधमधोक्षज:॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! राजा जरासन्ध ने मन ही मन युद्ध करने का निश्चय कर लिया है, यह देखकर वाकपटुता में निपुण भगवान यदुनन्दन ने उससे कहा॥1॥
 
Vaishampayanji says – Janamejaya! Seeing that King Jarasandha had decided to fight in his mind, Lord Yadunandan, who was skilled in speaking, said to him. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)