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श्लोक 2.22.d34  |
तत: श्रुत्वा जरासंधो माधवेन हतं युधि।
शूरसेनाधिपं चक्रे कंसपुत्रं तदा नृप:॥ |
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| अनुवाद |
| राजन! जब जरासंध ने सुना कि श्रीकृष्ण ने युद्ध में कंस को मार डाला है, तब उसने कंस के पुत्र को शूरसन्देश का राजा बना दिया। |
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| Rajan! When Jarasandha heard that Shri Krishna had killed Kansa in the war, he made Kansa's son the king of Shurasendesh. |
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