Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.22.d23-d25: तदनन्तर, जब प्रसव का समय आया, तो कंस ने अपने क्रूर कर्म मंत्री को, जो उग्र स्वभाव के थे, सात्वतवंशी वसुदेव पर कड़ी निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया। किन्तु बालक रूपी भगवान श्रीकृष्ण के प्रभाव से, जब पहरेदार निद्रा से सम्मोहित हो गए, तब महाबली वसुदेवजी वहाँ से उठकर बालक को लेकर व्रज में चले गए। पिता वसुदेव ने नवजात वसुदेव को मथुरा से हटा दिया और उनके स्थान पर एक गोप की कन्या लाकर कंस के समक्ष प्रस्तुत कर दी। | mahabharat अध्याय 2.22: जरासंध और श्रीकृष्णका संवाद तथा जरासंधकी युद्धके लिये तैयारी एवं जरासंधका श्रीकृष्णके साथ वैर होनेके कारणका वर्णन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर, जब प्रसव का समय आया, तो कंस ने अपने क्रूर कर्म मंत्री को, जो उग्र स्वभाव के थे, सात्वतवंशी वसुदेव पर कड़ी निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया। किन्तु बालक रूपी भगवान श्रीकृष्ण के प्रभाव से, जब पहरेदार निद्रा से सम्मोहित हो गए, तब महाबली वसुदेवजी वहाँ से उठकर बालक को लेकर व्रज में चले गए। पिता वसुदेव ने नवजात वसुदेव को मथुरा से हटा दिया और उनके स्थान पर एक गोप की कन्या लाकर कंस के समक्ष प्रस्तुत कर दी।
Subsequently, when the time of delivery arrived, Kansa appointed his cruel Karma Mantri, who had a fierce nature, to keep a close watch on Satvatavanshi Vasudev. But due to the influence of Lord Krishna in the form of a child, when the guards were hypnotized from their sleep, the mighty Vasudevji got up from there and went to Vraj along with the child. Father Vasudev removed the newborn Vasudev from Mathura and in his place brought the daughter of a Gop and presented him to Kansa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥