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mahabharat 2.22.d22: तत्पश्चात् भगवान मधुसूदन देवकी के गर्भ में आठवें गर्भ के रूप में प्रकट हुए, और राजा कंस ने बड़ी सावधानी से उस गर्भ की रक्षा की।   |   mahabharat अध्याय 2.22: जरासंध और श्रीकृष्णका संवाद तथा जरासंधकी युद्धके लिये तैयारी एवं जरासंधका श्रीकृष्णके साथ वैर होनेके कारणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.22.d22 
पुनस्तस्यां समभवदष्टमो मधुसूदन:।
तस्य गर्भस्य रक्षां तु चक्रे सोऽभ्यधिकं नृप:॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान मधुसूदन देवकी के गर्भ में आठवें गर्भ के रूप में प्रकट हुए, और राजा कंस ने बड़ी सावधानी से उस गर्भ की रक्षा की।
 
After that, Lord Madhusudan appeared in the form of the eighth womb in the womb of Devaki. King Kansa protected that womb with great care.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)