श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 22: जरासंध और श्रीकृष्णका संवाद तथा जरासंधकी युद्धके लिये तैयारी एवं जरासंधका श्रीकृष्णके साथ वैर होनेके कारणका वर्णन  »  श्लोक d12
 
 
श्लोक  2.22.d12 
यामेतां वहमानोऽद्य कंसोद्वहसि देवकीम्।
अस्या यश्चाष्टमो गर्भ: स ते मृत्युर्भविष्यति॥
 
 
अनुवाद
देवदूत कह रहा था, 'कंस! जिस देवकी को तू आज रथ पर ले जा रहा है, उसका आठवाँ गर्भ ही तेरी मृत्यु का कारण बनेगा।'
 
The angel was saying, 'Kansa! The eighth pregnancy of the Devaki whom you are taking on the chariot today will be the cause of your death.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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