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(जनमेजय उवाच
किमर्थं वैरिणावास्तामुभौ तौ कृष्णमागधौ।
कथं च निर्जित: संख्ये जरासंधेन माधव:॥
अनुवाद
जनमेजय ने पूछा - मुने! भगवान श्रीकृष्ण और मगधराज जरासंध एक-दूसरे के शत्रु क्यों हो गए? और जरासंध ने यदुकुलतिलक श्रीकृष्ण को युद्ध में कैसे पराजित किया?
Janmejay asked – Mune! Why did Lord Krishna and Magadha king Jarasandha become enemies of each other? And how did Jarasandha defeat Yadukulatilaka Shri Krishna in the war?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥