श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 22: जरासंध और श्रीकृष्णका संवाद तथा जरासंधकी युद्धके लिये तैयारी एवं जरासंधका श्रीकृष्णके साथ वैर होनेके कारणका वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.22.26 
त्वामाह्वयामहे राजन् स्थिरो युध्यस्व मागध।
मुञ्च वा नृपतीन् सर्वान् गच्छ वा त्वं यमक्षयम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
मगध के राजा! हम तुम्हें युद्ध के लिए ललकारते हैं। तुम बहादुरी से लड़ो। या तो तुम सभी राजाओं को छोड़ दो या यमलोक चले जाओ।
 
King of Magadhan! We challenge you for a battle. You fight bravely. Either you release all the kings or go to Yamaloka.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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