श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 22: जरासंध और श्रीकृष्णका संवाद तथा जरासंधकी युद्धके लिये तैयारी एवं जरासंधका श्रीकृष्णके साथ वैर होनेके कारणका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.22.24 
दम्भोद्भव: कार्तवीर्य उत्तरश्च बृहद्रथ:।
श्रेयसो ह्यवमन्येह विनेशु: सबला नृपा:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
दम्भोद्भव, कार्तवीर्य अर्जुन, उत्तरा और बृहद्रथ - ये सब राजा अपने पुरनियों का अपमान करके सेनासहित नष्ट हो गए॥ 24॥
 
Dambhodbhava, Kartavirya Arjuna, Uttara and Brihadratha - all these kings were destroyed along with their armies after insulting their elders.॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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