Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.22.20-21: आपके और हमारे बीच जो युद्ध होने वाला है, वह आपके लिए स्वर्ग प्राप्ति का साधन हो सकता है। ऐसा युद्ध और किसका हो सकता है? मेरे पास बहुत बड़ी सेना और शक्ति है। इस अभिमान में मगध की असंख्य सेनाओं के साथ दूसरों का अपमान न करें। राजन! प्रत्येक मनुष्य में बल और पराक्रम होता है। महाराज! कुछ आपके समान बलवान हैं और कुछ आपसे भी अधिक बलवान हैं॥ 20-21॥ | mahabharat अध्याय 2.22: जरासंध और श्रीकृष्णका संवाद तथा जरासंधकी युद्धके लिये तैयारी एवं जरासंधका श्रीकृष्णके साथ वैर होनेके कारणका वर्णन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपके और हमारे बीच जो युद्ध होने वाला है, वह आपके लिए स्वर्ग प्राप्ति का साधन हो सकता है। ऐसा युद्ध और किसका हो सकता है? मेरे पास बहुत बड़ी सेना और शक्ति है। इस अभिमान में मगध की असंख्य सेनाओं के साथ दूसरों का अपमान न करें। राजन! प्रत्येक मनुष्य में बल और पराक्रम होता है। महाराज! कुछ आपके समान बलवान हैं और कुछ आपसे भी अधिक बलवान हैं॥ 20-21॥
The war that is about to take place between you and us can be a means of attaining heaven for you. Who else can have such a war? I have a very large army and power. Do not insult others with the countless armies of Magadh in this pride. King! Every human being has strength and valour. Maharaj! Some are as strong as you and some are even stronger than you.॥ 20-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥