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mahabharat 2.21.50: इन स्नातकों में कुछ विशेष नियमों का पालन करते हैं और कुछ सामान्य नियमों का पालन करते हैं। विशेष नियमों का पालन करने वाला क्षत्रिय सदैव लक्ष्मी को प्राप्त करता है।   |   mahabharat अध्याय 2.21: श्रीकृष्णद्वारा मगधकी राजधानीकी प्रशंसा, चैत्यक पर्वतशिखर और नगाड़ोंको तोड़-फोड़कर तीनोंका नगर एवं राजभवनमें प्रवेश तथा श्रीकृष्ण और जरासंधका संवाद   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 21: श्रीकृष्णद्वारा मगधकी राजधानीकी प्रशंसा, चैत्यक पर्वतशिखर और नगाड़ोंको तोड़-फोड़कर तीनोंका नगर एवं राजभवनमें प्रवेश तथा श्रीकृष्ण और जरासंधका संवाद  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  2.21.50 
विशेषनियमाश्चैषामविशेषाश्च सन्त्युत।
विशेषवांश्च सततं क्षत्रिय: श्रियमृच्छति॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
इन स्नातकों में कुछ विशेष नियमों का पालन करते हैं और कुछ सामान्य नियमों का पालन करते हैं। विशेष नियमों का पालन करने वाला क्षत्रिय सदैव लक्ष्मी को प्राप्त करता है।
 
Among these graduates, some follow special rules and some follow ordinary rules. A Kshatriya who follows special rules always attains Lakshmi. 50.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)