श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 21: श्रीकृष्णद्वारा मगधकी राजधानीकी प्रशंसा, चैत्यक पर्वतशिखर और नगाड़ोंको तोड़-फोड़कर तीनोंका नगर एवं राजभवनमें प्रवेश तथा श्रीकृष्ण और जरासंधका संवाद  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.21.49 
श्रीकृष्ण उवाच
स्नातकान् ब्राह्मणान् राजन् विद्धॺस्मांस्त्वं नराधिप।
स्नातकव्रतिनो राजन् ब्राह्मणा: क्षत्रिया विश:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण बोले- राजन! आप हमें (वेशभूषा के अनुसार) स्नातक ब्राह्मण मान सकते हैं। वास्तव में स्नातक व्रत का पालन करने वाले ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य, तीनों वर्णों के लोग हैं। 49॥
 
Shri Krishna said- Rajan! You can consider us as graduate Brahmins (according to the attire). Actually, those who observe the bachelor's fast are people of all three castes, Brahmin, Kshatriya and Vaishya. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)