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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 21: श्रीकृष्णद्वारा मगधकी राजधानीकी प्रशंसा, चैत्यक पर्वतशिखर और नगाड़ोंको तोड़-फोड़कर तीनोंका नगर एवं राजभवनमें प्रवेश तथा श्रीकृष्ण और जरासंधका संवाद
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श्लोक 40
श्लोक
2.21.40
तानब्रवीज्जरासंधस्तथा पाण्डवयादवान्।
आस्यतामिति राजेन्द्र ब्राह्मणच्छद्मसंवृतान्॥ ४०॥
अनुवाद
राजा! ब्राह्मण वेशधारी उन पाण्डव और यादव योद्धाओं को देखकर जरासन्ध ने कहा, 'आप सब कृपया बैठ जाइये।'
King! Looking at those Pandava and Yadav warriors disguised as Brahmins, Jarasandha said, 'You all please sit down.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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