Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.21.27: वे सभी रंग-बिरंगे वस्त्र पहने हुए थे। गले में हार और कानों में चमकदार कुण्डल पहने हुए थे। वे धीरे-धीरे बुद्धिमान राजा जरासंध के महल में पहुँचे। | mahabharat अध्याय 2.21: श्रीकृष्णद्वारा मगधकी राजधानीकी प्रशंसा, चैत्यक पर्वतशिखर और नगाड़ोंको तोड़-फोड़कर तीनोंका नगर एवं राजभवनमें प्रवेश तथा श्रीकृष्ण और जरासंधका संवाद । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सभी रंग-बिरंगे वस्त्र पहने हुए थे। गले में हार और कानों में चमकदार कुण्डल पहने हुए थे। वे धीरे-धीरे बुद्धिमान राजा जरासंध के महल में पहुँचे।
All of them were dressed in many colours. They wore necklaces around their necks and shining earrings in their ears. They gradually reached the palace of the wise king Jarasandha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥