Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.21.10: मनु ने मगधवासियों को मेघों के लिए अपरिहार्य बना दिया है; (इसलिए मेघ वहाँ सदैव समय पर पर्याप्त वर्षा करते हैं।) चण्डकौशिक ऋषि और मणिमान सर्प ने भी मगध को आशीर्वाद दिया है॥10॥ | mahabharat अध्याय 2.21: श्रीकृष्णद्वारा मगधकी राजधानीकी प्रशंसा, चैत्यक पर्वतशिखर और नगाड़ोंको तोड़-फोड़कर तीनोंका नगर एवं राजभवनमें प्रवेश तथा श्रीकृष्ण और जरासंधका संवाद । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनु ने मगधवासियों को मेघों के लिए अपरिहार्य बना दिया है; (इसलिए मेघ वहाँ सदैव समय पर पर्याप्त वर्षा करते हैं।) चण्डकौशिक ऋषि और मणिमान सर्प ने भी मगध को आशीर्वाद दिया है॥10॥
Manu has made the residents of Magadha indispensable for the clouds; (therefore the clouds always bring sufficient rain there at the right time.) The sage Chandakaushik and the snake Maniman have also blessed Magadha.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥