Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.21.1: श्रीकृष्ण बोले- कुन्तीनंदन! देखो, मगध की राजधानी कितनी सुन्दर और विशाल है। यहाँ अनेक पशु हैं। जल भी सदैव उपलब्ध रहता है। यहाँ रोगों का प्रकोप नहीं होता। सुन्दर महलों से परिपूर्ण यह नगरी अत्यंत शोभायमान लगती है। 1. | mahabharat अध्याय 2.21: श्रीकृष्णद्वारा मगधकी राजधानीकी प्रशंसा, चैत्यक पर्वतशिखर और नगाड़ोंको तोड़-फोड़कर तीनोंका नगर एवं राजभवनमें प्रवेश तथा श्रीकृष्ण और जरासंधका संवाद । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीकृष्ण बोले- कुन्तीनंदन! देखो, मगध की राजधानी कितनी सुन्दर और विशाल है। यहाँ अनेक पशु हैं। जल भी सदैव उपलब्ध रहता है। यहाँ रोगों का प्रकोप नहीं होता। सुन्दर महलों से परिपूर्ण यह नगरी अत्यंत शोभायमान लगती है। 1.
Shri Krishna said- Kunti Nandan! Look, how beautiful and huge capital of Magadh is. There are many animals here. Water is also always available. There is no outbreak of diseases here. This city full of beautiful palaces looks very beautiful. 1.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥