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श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 20: युधिष्ठिरके अनुमोदन करनेपर श्रीकृष्ण, अर्जुन और भीमसेनकी मगध-यात्रा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.20.8 
वैशम्पायन उवाच
एवमुक्तो भगवता प्रत्युवाच युधिष्ठिर:।
भीमार्जुनौ समालोक्य सम्प्रहृष्टमुखौ स्थितौ॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! भगवान के ऐसा कहने पर वहाँ खड़े भीमसेन और अर्जुन प्रसन्न हो गए। युधिष्ठिर ने उनकी ओर देखकर इस प्रकार उत्तर दिया।
 
Vaishampayana says - Janamejaya! When the Lord said this, Bhimasena and Arjun standing there were delighted. Yudhishthira looked at them and replied in this manner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)