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mahabharat 2.20.22: उन्होंने सुप्रतिष्ठित ब्राह्मणों के वस्त्र धारण किए और उनमें अपना क्षत्रिय रूप छिपाकर यात्रा की। उस समय शुभचिंतक मित्रों ने मधुर शब्दों से उनका स्वागत किया।   |   mahabharat अध्याय 2.20: युधिष्ठिरके अनुमोदन करनेपर श्रीकृष्ण, अर्जुन और भीमसेनकी मगध-यात्रा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.20.22 
वर्चस्विनां ब्राह्मणानां स्नातकानां परिच्छदम्।
आच्छाद्य सुहृदां वाक्यैर्मनोज्ञैरभिनन्दिता:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने सुप्रतिष्ठित ब्राह्मणों के वस्त्र धारण किए और उनमें अपना क्षत्रिय रूप छिपाकर यात्रा की। उस समय शुभचिंतक मित्रों ने मधुर शब्दों से उनका स्वागत किया।
 
He wore the clothes of illustrious graduate Brahmins and travelled by hiding his Kshatriya form through them. At that time, well-wishing friends greeted him with pleasant words.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)