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mahabharat 2.20.16: चतुर सेनापति के द्वारा संचालित सेना उत्तम कार्य करती है; अन्यथा वह अन्धी और जड़ कही जाती है; अतः नीति में निपुण पुरुषों द्वारा ही सेना का संचालन करना चाहिए॥16॥   |   mahabharat अध्याय 2.20: युधिष्ठिरके अनुमोदन करनेपर श्रीकृष्ण, अर्जुन और भीमसेनकी मगध-यात्रा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 20: युधिष्ठिरके अनुमोदन करनेपर श्रीकृष्ण, अर्जुन और भीमसेनकी मगध-यात्रा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.20.16 
सुप्रणीतो बलौघो हि कुरुते कार्यमुत्तमम्।
अंधं बलं जडं प्राहु: प्रणेतव्यं विचक्षणै:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
चतुर सेनापति के द्वारा संचालित सेना उत्तम कार्य करती है; अन्यथा वह अन्धी और जड़ कही जाती है; अतः नीति में निपुण पुरुषों द्वारा ही सेना का संचालन करना चाहिए॥16॥
 
An army well commanded by a clever general performs excellent tasks; otherwise, it is said to be blind and inert; hence, an army should be commanded only by men skilled in policy.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)