vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 20: युधिष्ठिरके अनुमोदन करनेपर श्रीकृष्ण, अर्जुन और भीमसेनकी मगध-यात्रा
»
श्लोक 15
श्लोक
2.20.15
अयं च बलिनां श्रेष्ठ: श्रीमानपि वृकोदर:।
युवाभ्यां सहितो वीर: किं न कुर्यान्महायशा:॥ १५॥
अनुवाद
ये परम बलवान, तेजस्वी एवं तेजस्वी भीमसेन भी आप दोनों के साथ रहकर क्या नहीं कर सकते? 15॥
What can't even this most powerful and brilliant and brilliant Bhimsen do by staying with you both? 15॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas