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mahabharat 2.19.26: जरासन्ध को परामर्श देने वाले दो बुद्धिमान और कुशल मंत्री थे, जो हंस और डिम्भक नाम से प्रसिद्ध थे। वे दोनों किसी भी अस्त्र से मरने वाले नहीं थे॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 2.19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.19.26 
तस्यास्तां हंसडिम्भकावशस्त्रनिधनावुभौ।
मन्त्रे मतिमतां श्रेष्ठौ नीतिशास्त्रे विशारदौ॥ २६॥
 
 
अनुवाद
जरासन्ध को परामर्श देने वाले दो बुद्धिमान और कुशल मंत्री थे, जो हंस और डिम्भक नाम से प्रसिद्ध थे। वे दोनों किसी भी अस्त्र से मरने वाले नहीं थे॥ 26॥
 
There were two wise and well-versed ministers to advise Jarasandha, who were famous by the names of Hans and Dimbhak. Both of them were not going to die by any weapon.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)