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mahabharat 2.19.21: इधर जरासंध भी ऋषि चण्डकौशिक की सलाह के अनुसार भगवान शंकर से सभी आशीर्वाद प्राप्त कर अपने राज्य की रक्षा करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 2.19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.19.21 
जरासंधोऽपि नृपतिर्यथोक्तं कौशिकेन तत्।
वरप्रदानमखिलं प्राप्य राज्यमपालयत्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
इधर जरासंध भी ऋषि चण्डकौशिक की सलाह के अनुसार भगवान शंकर से सभी आशीर्वाद प्राप्त कर अपने राज्य की रक्षा करने लगा।
 
Here Jarasandha too, after receiving all the blessings from Lord Shankar as per the advice of sage Chandakaushik, started protecting his kingdom.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)