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mahabharat 2.19.10: 'वह अपने तेज से उन सब राजाओं के ऊपर चमकेगा, जो राजतिलक किए हुए हैं। जैसे सूर्य समस्त नक्षत्रों और ग्रहों का तेज हर लेता है, उसी प्रकार यह राजकुमार समस्त राजाओं के तेज को कलंकित कर देगा।॥10॥   |   mahabharat अध्याय 2.19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.19.10 
सर्वमूर्धाभिषिक्तानामेष मूर्ध्नि ज्वलिष्यति।
प्रभाहरोऽयं सर्वेषां ज्योतिषामिव भास्कर:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
'वह अपने तेज से उन सब राजाओं के ऊपर चमकेगा, जो राजतिलक किए हुए हैं। जैसे सूर्य समस्त नक्षत्रों और ग्रहों का तेज हर लेता है, उसी प्रकार यह राजकुमार समस्त राजाओं के तेज को कलंकित कर देगा।॥10॥
 
'He will shine with his brilliance above all the kings who have been crowned as the king. Just as the Sun takes away the brilliance of all the stars and planets, in the same way this prince will disgrace the brilliance of all the kings.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)