श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.19.1 
श्रीकृष्ण उवाच
कस्यचित् त्वथ कालस्य पुनरेव महातपा:।
मगधेषूपचक्राम भगवांश्चण्डकौशिक:॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण कहते हैं- राजन! कुछ काल के पश्चात् महातपस्वी भगवान चण्डकौशिक मुनि पुनः मगध देश में विचरण करते हुए आये॥1॥
 
Shri Krishna says- Rajan! After some time, great ascetic Lord Chandkaushik Muni again came roaming in Magadha country. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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