Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.17.d7: 'विभिन्न प्रकार के यज्ञों द्वारा भगवान को अर्पण करो और सोमरस से इंद्रदेव को संतुष्ट करो। फिर अपने पुत्र को राजसिंहासन पर बिठाओ और वानप्रस्थ आश्रम में आ जाओ। | mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यजस्व विविधैर्यज्ञैरिन्द्रं तर्पय चेन्दुना।
पुत्रं राज्ये प्रतिष्ठाप्य तत आश्रममाव्रज॥
अनुवाद
'विभिन्न प्रकार के यज्ञों द्वारा भगवान को अर्पण करो और सोमरस से इंद्रदेव को संतुष्ट करो। फिर अपने पुत्र को राजसिंहासन पर बिठाओ और वानप्रस्थ आश्रम में आ जाओ।
'Offer the Lord with various types of yagyas and satisfy Lord Indra with Somra. Then place your son on the royal throne and come to Vanaprastha Ashram.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥