Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.17.48: ऐसा विचार करके राक्षसी ने मनुष्य का रूप धारण किया और जैसे बादल सूर्य को गले लगा लेता है, वैसे ही बालक को गोद में लेकर राजा से बोली। | mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा विचार करके राक्षसी ने मनुष्य का रूप धारण किया और जैसे बादल सूर्य को गले लगा लेता है, वैसे ही बालक को गोद में लेकर राजा से बोली।
Having thought thus the demoness assumed the form of a human being and taking the child in her lap, just as a cloud embraces the sun, she spoke to the king.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥