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mahabharat 2.17.38: उनकी दोनों धाययों ने भ्रूण के टुकड़ों को कपड़े से ढक दिया और भीतरी कक्ष के दरवाजे से बाहर निकलकर उन्हें चौराहे पर फेंक दिया और चली गईं।   |   mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.17.38 
तयोर्धात्र्यौ सुसंवीते कृत्वा ते गर्भसम्प्लवे।
निर्गम्यान्त:पुरद्वारात् समुत्सृज्याभिजग्मतु:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
उनकी दोनों धाययों ने भ्रूण के टुकड़ों को कपड़े से ढक दिया और भीतरी कक्ष के दरवाजे से बाहर निकलकर उन्हें चौराहे पर फेंक दिया और चली गईं।
 
Both their nurses covered the pieces of the fetus with a cloth and went out of the inner chamber door and threw them at the crossroads and went away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)