Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.17.36: प्रत्येक टुकड़े में एक आँख, एक हाथ, एक पैर, आधा पेट, आधा चेहरा और कमर का निचला आधा हिस्सा था। एक ही शरीर के इन टुकड़ों को देखकर दोनों भय से काँपने लगे। 36. | mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रत्येक टुकड़े में एक आँख, एक हाथ, एक पैर, आधा पेट, आधा चेहरा और कमर का निचला आधा हिस्सा था। एक ही शरीर के इन टुकड़ों को देखकर दोनों भय से काँपने लगे। 36.
Each piece had one eye, one hand, one leg, half a stomach, half a face and half of the lower half of the waist. Seeing these pieces of one body, both of them started trembling with fear. 36.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥