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mahabharat 2.17.35: महाबुद्धिमान युधिष्ठिर! प्रसव काल पूरा होने पर दोनों रानियों ने उचित समय पर अपने गर्भ से शरीर के एक टुकड़े को जन्म दिया ॥35॥   |   mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.17.35 
अथ काले महाप्राज्ञ यथासमयमागते।
प्रजायेतामुभे राजञ्छरीरशकले तदा॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
महाबुद्धिमान युधिष्ठिर! प्रसव काल पूरा होने पर दोनों रानियों ने उचित समय पर अपने गर्भ से शरीर के एक टुकड़े को जन्म दिया ॥35॥
 
Great wise Yudhishthir! After the completion of the delivery period, both the queens gave birth to a piece of body from their womb at the right time. 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)