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mahabharat 2.16.9: जो व्यक्ति महाबली राजा कृतवीर्य के कुल में उत्पन्न होकर भी स्वयं दुर्बल है, वह क्या कर सकता है? जो व्यक्ति दुर्बल कुल में उत्पन्न होकर भी बलवान और शक्तिशाली है, वह श्रेष्ठ है॥9॥   |   mahabharat अध्याय 2.16: जरासंधको जीतनेके विषयमें युधिष्ठिरके उत्साहहीन होनेपर अर्जुनका उत्साहपूर्ण उद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.16.9 
कृतवीर्यकुले जातो निर्वीर्य: किं करिष्यति।
निर्वीर्ये तु कुले जातो वीर्यवांस्तु विशिष्यते॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जो व्यक्ति महाबली राजा कृतवीर्य के कुल में उत्पन्न होकर भी स्वयं दुर्बल है, वह क्या कर सकता है? जो व्यक्ति दुर्बल कुल में उत्पन्न होकर भी बलवान और शक्तिशाली है, वह श्रेष्ठ है॥9॥
 
What can a person who is born in the family of the mighty king Kritavirya but is weak himself do? The best is a person who is strong and powerful even after being born in a weak family.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)