Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.16.8: अनुभवी विद्वान् लोग कुलीन कुल में जन्म की बड़ी प्रशंसा करते हैं; परन्तु वह भी बल के समान नहीं है। मुझे तो बल और पराक्रम ही श्रेष्ठ प्रतीत होते हैं ॥8॥ | mahabharat अध्याय 2.16: जरासंधको जीतनेके विषयमें युधिष्ठिरके उत्साहहीन होनेपर अर्जुनका उत्साहपूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनुभवी विद्वान् लोग कुलीन कुल में जन्म की बड़ी प्रशंसा करते हैं; परन्तु वह भी बल के समान नहीं है। मुझे तो बल और पराक्रम ही श्रेष्ठ प्रतीत होते हैं ॥8॥
Experienced scholars greatly praise birth in a noble family; but even that is not equal to strength. To me, strength and valour seem to be the best. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥