श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 16: जरासंधको जीतनेके विषयमें युधिष्ठिरके उत्साहहीन होनेपर अर्जुनका उत्साहपूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.16.13 
तेन द्वारेण शत्रुभ्य: क्षीयते सबलो रिपु:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
प्रमादरूपी दोष के कारण शक्तिशाली शत्रु भी अपने शत्रुओं द्वारा मारा जाता है ॥13॥
 
Even a powerful enemy is killed by his enemies due to the flaw in negligence. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)