श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 15: जरासंधके विषयमें राजा युधिष्ठिर, भीम और श्रीकृष्णकी बातचीत  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.15.1 
युधिष्ठिर उवाच
उक्तं त्वया बुद्धिमता यन्नान्यो वक्तुमर्हति।
संशयानां हि निर्मोक्ता त्वन्नान्यो विद्यते भुवि॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - श्रीकृष्ण! आप परम बुद्धिमान हैं, आपने जो कहा है, वैसा कोई दूसरा नहीं कह सकता। इस पृथ्वी पर आपके अतिरिक्त और कोई ऐसा नहीं है जो समस्त संशय दूर कर सके॥1॥
 
Yudhishthira said - Shri Krishna! You are extremely intelligent, no one else can say what you have said. There is no one else on this earth except you who can clear all doubts.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)