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mahabharat 2.14.7-8: राजन! अभी-अभी राजा जरासंध समस्त क्षत्रिय कुलों के राजसी धन से बढ़कर राजाओं द्वारा सम्राट पद पर अभिषिक्त हुआ है। अपने बल और पराक्रम से सब पर आक्रमण करके वह समस्त राजाओं का नेता बन रहा है। ॥7-8॥   |   mahabharat अध्याय 2.14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति  »  श्लोक 7-8
 
 
श्लोक  2.14.7-8 
इदानीमेव वै राजन् जरासंधो महीपति:॥ ७॥
अभिभूय श्रियं तेषां कुलानामभिषेचित:।
स्थितो मूर्ध्नि नरेन्द्राणामोजसाऽऽक्रम्य सर्वश:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
राजन! अभी-अभी राजा जरासंध समस्त क्षत्रिय कुलों के राजसी धन से बढ़कर राजाओं द्वारा सम्राट पद पर अभिषिक्त हुआ है। अपने बल और पराक्रम से सब पर आक्रमण करके वह समस्त राजाओं का नेता बन रहा है। ॥7-8॥
 
King! Just now King Jarasandh has surpassed the royal wealth of all the Kshatriya clans and has been anointed as emperor by the kings. By attacking everyone with his might and valour, he is becoming the leader of all kings. ॥ 7-8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)