श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  2.14.62 
न तु शक्यं जरासंधे जीवमाने महाबले।
राजसूयस्त्वयावाप्तुमेषा राजन् मतिर्मम॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
परन्तु हे राजन! मेरा मत है कि जब तक महाबली जरासंध जीवित है, तब तक आप राजसूय यज्ञ पूर्ण नहीं कर सकते।
 
But, O King, my opinion is that as long as the mighty Jarasandha is alive, you cannot complete the Rajasuya Yagna. 62
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)